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शादीशुदा युवक पर आया युवती का दिल, शादी से इनकार पर उसकी मासूम बेटी को अगवा कर बेरहमी से कर दी हत्या

बिलासपुर। पुलिस ने मासूम अनायजा हत्याकांड का पर्दाफाश कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में गांव की ही एक युवती को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। हत्या को अंजाम देने वाली आरोपित युवती को गिरफ्तार कर लिया।

तीन साल की थी बेटी

यह मामला बिलासपुर कोतवाली के गांव धावनी हसनपुर का है। यहां के दानिश अली की तीन वर्षीय पुत्री अनायजा रविवार को घर से चीज लेने के लिए निकली थी। उसके बाद घर नहीं लौटी और रहस्यमय ढंग से लापता हो गई। स्वजन की खोजबीन के बाद भी जब मासूम का कुछ पता नहीं लगा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस जांच−पड़ताल कर ही रही थी कि मंगलवार की सुबह खाली प्लॉट में बालिका का शव एक कट्टे में मिलने पर हड़कंप मच गया था।

पुलिस ने एक ही परिवार के पांच लोग हिरासत में लिए

सूचना पर प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंचकर छानबीन की। स्वजन की आशंका पर एक ही परिवार के पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बुधवार को पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी का कहना है कि मासूम की हत्या करने वाली युवती फरानाज को गिरफ्तार कर लिया है। इस युवती का मृतका के पिता संग प्रेम-प्रसंग था। उसने द्वेष भावना के कारण इस कृत्य को अंजाम दिया।

इस तरह घटना को दिया अंजाम

प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह ने बताया कि मृतका के पिता दानिश अली का गांव में ही युवती के साथ काफी समय से प्रेम-प्रंसग था। मगर दानिश ने उसके साथ विवाह नहीं किया था। जिसकी वजह से युवती दानिश और उसके परिवार से द्वेष की भावना रखने लगी थी। युवती ने प्रेम−प्रसंग के चलते ही मासूम की मां के साथ भी फोन पर झगड़ा किया था। इसी के चलते मासूम जब रविवार को चीज लेने निकली, तब उसे अगवा कर लिया।

घर में कोई व्यक्ति न होने पर युवती मासूम बच्ची को छत वाले कमरे में ले गई, जहां उसकी गला घोंटकर हत्या कर डाली। उससे पहले उसके हाथ बांधे। वह शोर नहीं मचा सके, इसलिए उसके मुंह पर टेप चिपका दिया। इसके बाद रात्रि में मासूम के शव को मकान की छत से मकान के पीछे एक खाली प्लॉट में फेंक दिया था। ताकि मकान के पीछे कूड़े के ढेर में कोई व्यक्ति उसे न पहचान सके और उसे जंगली जानवर खा जाएं।

मगर वहां आते−जाते समय लोगों ने मासूम के शव को देख लिया और इसकी सूचना स्वजन व पुलिस को दी। आरोपित युवती के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसका चालान कर दिया है। जबकि उसके परिवार के चार सदस्यों को निर्दोष पाते हुए छोड़ दिया है। गांव समेत क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

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