दिल्ली/एनसीआरनई दिल्ली

सिसोदिया की जमानत का ED ने किया विरोध, कोर्ट में कहा- सुनवाई में देरी बेल का आधार नहीं

नई द‍िल्‍ली. दिल्ली शराब नीति मामले में आरोपी मनीष सिसोदिया की राउज एवेन्यू कोर्ट में दाख‍िल जमानत याच‍िका पर सुनवाई के दौरान प्रवर्तन न‍िदेशायल (ED) ने अपनी दलीलें कोर्ट के सामने रखीं. ईडी के वकील ने कहा क‍ि यह तय करने की जरूरत है कि क्या मुकदमा कछुआ गति से आगे बढ़ रहा है? जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट के पहले के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट को मामले पर गुण-दोष के आधार पर विचार करना होगा.

मनीष स‍िसोद‍िया की याच‍िका पर राउज एवेन्‍यु कोर्ट में ईडी ED ने कहा क‍ि 45 वर्ष से कम उम्र की दोहरी शर्ते सिसोदिया पूरी नहीं कर सकते है. ईडी ने कहा क‍ि न्यायालय अभी इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकता कि यह मानने के उचित आधार है कि वह दोषी नहीं है. जांच एजेंसी ने कहा क‍ि सिसोदिया ने एक्सपर्ट की रिपोर्ट से भटकाने का दिखावा करने के लिए ईमेल प्लांट किए और हमारे पास इस बात के दस्तावेजी प्रमाण, व्हाट्सएप चैट और ईमेल हैं.

आप नेता मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट में आज की सुनवाई पूरी हो गई है और अब अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी. इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली की एक अदालत में मनीष स‍िसोद‍िया की दूसरी जमानत याचिका का विरोध किया था और कहा कि मुकदमे की सुनवाई में देरी हो रही है. ईडी ने दलील दी थी क‍ि मुकदमे में देरी करने के लिए सिसोदिया सहित आरोपी व्यक्तियों की ओर से ठोस प्रयास किए गए थे. जनवरी में आम आदमी पार्टी (आप) नेता ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी द्वारा दर्ज किए गए मामलों में दूसरी बार जमानत की मांग करते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत का दरवाजा खटखटाया था.

जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए ईडी ने अदालत के समक्ष इस बात पर प्रकाश डाला कि सिसोदिया के वकीलों द्वारा दी गई दलीलों का मुख्य जोर मुकदमे में देरी पर था. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत खारिज करते हुए कहा कि अगर सुनवाई कछुआ गति से चलती है, तो सिसोदिया अदालत के समक्ष दूसरी जमानत याचिका दायर कर सकते हैं. हालांकि, मनी लॉन्‍ड्र‍िंग के तहत दोहरी शर्तें, जो जमानत देने के लिए आवश्यक हैं को ख़त्म नहीं किया जा सकता है.

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