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पिता मुख्तार की कब्र पर फातिहा पढ़ सकेंगे अब्बास अंसारी, SC ने दी सशर्त इजाजत

मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को पिता की कब्र पर फातिहा-ख्वानी (Faatiha-Khvaanii) पढ़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जेल से बाहर आने की इजाजत दे दी है. मंगलवार (नौ अप्रैल, 2024) शाम को पांच बजे से पहले उन्हें सड़क मार्ग से कासगंज से गाजीपुर के लिए रवाना किया जाएगा, जबकि बुधवार (10 अप्रैल, 2024) को फातिहा पढ़ने के बाद उन्हें गाजीपुर जेल में रखा जाएगा.

अब्बास अंसारी को 11 और 12 अप्रैल, 2024 को जेल में परिवार से मिलने की मंजूरी रहेगी. 13 अप्रैल को उन्हें वापस कासगंज जेल ले आया जाएगा. 11 या 12 तारीख को अगर कोई धार्मिक रस्म होगी तो अब्बास अंसारी उसमें भी शामिल हो सकेंगे, जिसके लिए उन्हें गाजीपुर जेल से बाहर आने की इजाजत होगी और इस दौरान अब्बास अंसारी मीडिया में कोई बयान नहीं देंगे.

दिल का दौरा पड़ने से हुई थी पूर्व विधायक की मौत

जेल में बंद नेता और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारीका की 28 मार्च की शाम को दिल का दौरा पड़ने से बांदा के अस्‍पताल में मौत हो गई थी. डीजी (जेल) एस.एन. साबत के बयान के मुताबिक, मुख्तार अंसारी रमजान के दौरान रोजा रख रहे थे. गुरुवार को रोजा तोड़ने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई थी. हालांकि, मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी का दावा था कि पिता को जेल में स्लो प्वाइजन (धीमा जहर) दिया गया.

मुख्तार अंसारी के बेटे-भाई ने किया था बड़ा दावा!

ऐसा ही दावा मुख्तार अंसारी के भाई और गाजीपुर के सांसद अफजल अंसारी ने भी किया मगर अफसरों ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था. 30 मार्च, 2024 को पूर्व विधायक का शव गाजीपुर जिले में पैतृक निवास युसूफपुर मोहम्मदाबाद के करीब कालीबाग स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया था. मुख्तार अंसारी के जनाजे में भारी संख्या में लोग शामिल हुए थे.

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