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मुख्तार अंसारी की मौत के बाद पूरे यूपी में हाई अलर्ट, योगी बोले- किसी भी हाल में अप्रिय घटना न हो

लखनऊ/नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। जेल की बैरक में मुख्तार अंसारी की तबीयत खराब होने पर उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले आया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। मेडिकल कॉलेज से जारी बुलेटिन के अनुसार, मुख्तार अंसारी को गुरुवार रात 8:25 बजे बेहोशी की हालत में लाया गया था। नौ डाक्टरों की टीम ने तत्काल इलाज शुरू किया। हालांकि, इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। इस सूचना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने बताया कि पूरे यूपी में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

मुख्तार अंसारी के मौत की सूचना मिलते ही बांदा की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल, डीएम अंकुर अग्रवाल कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ मंडलीय कारागार पहुंचे। करीब 40 मिनट तक अधिकारी जेल के भीतर रहे। इसके बाद मुख्तार को एंबुलेंस से दोबारा रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। बांदा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सुनील कौशल ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने से अंसारी की मौत हुई। इस सूचना के बाद पूरे प्रदेश हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

छह मामलों में सजायाफ्ता था मुख्तार अंसारी

मुख्तार अंसारी की उम्र 63 वर्ष थी। पिता का नाम सुभानल्लाह अंसारी था। पूर्वांचल की राजनीति पर दबदबा रखने वाले मुख्तार अंसारी के रसूख को योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में खत्म कर दिया गया। मुख्तार अंसारी के गिरोह पर लगातार कार्रवाई चल रही। उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन को आठ मामलों में अब तक सजा मिल चुकी थी। फर्जी आर्म्स लाइसेंस केस में मुख्तार को उम्रकैद की सजा दी गई थी। दो सजा पर कोर्ट की रोक के मामले को छोड़ भी दें तो मुख्तार अंसारी छह मामलों में सजायाफ्ता था। मुख्तार का पूरा परिवार इस समय कानूनी मामले में फंसा है। गाजीपुर से बसपा सांसद और मुख्तार के बड़े भाई अफजाल को भी गैंगस्टर एक्ट में चार साल की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में संसद सदस्यता भी छिन गई। हालांकि, बाद में कोर्ट ने सजा पर रोक लगाई तो अफजाल की सदस्यता फिर से बहाल हो गई। एक बार फिर उसे समाजवादी पार्टी ने गाजीपुर से उम्मीदवार बनाया है।

इन मामलों में हुआ था सजा का ऐलान

13 मार्च 2024: मुख्तार अंसारी को फर्जी लाइसेंस केस को आईपीसी की धारा 428, 467, 468 और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत आरोप सिद्ध होने के बाद सजा का ऐलान किया गया था। कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा 2 लाख 2 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
15 दिसंबर 2023: रूंगटा परिवार को बम से उड़ाने की धमकी मामले में 5 साल की जेल और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगा था।
5 जून 2023: चर्चित अवधेश राय हत्याकांड में उम्र कैद की सजा।
29 अप्रैल 2023: गैंगस्टर एक्ट में गाजीपुर एमपी- एमएलए कोर्ट एएसजे- चतुर्थ ने 10 साल के सश्रम कारावास और 5 लाख रुपये का जुर्माना।
25 फरवरी 2023: आर्म्स एक्ट और 5-टाडा एक्ट के तहत नई दिल्ली में दर्ज केस में एएसजे साउथ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 10 साल सश्रम कारावास और 5.55 लाख रुपये का जुर्माना।
15 दिसंबर 2022: गैंगस्टर एक्ट में गाजीपुर एमपी- एमएलए कोर्ट ने सुनाई 10 साल के सश्रम कारावास और 5 लाख रुपये का जुर्माना।
21 सितंबर 2022: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकारी कर्मचारी को काम से रोकने और धमकाने के मामले में सुनाई सजा। लखनऊ के आलमबाग में दर्ज केस की धारा 353 के तहत दो साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 504 के तहत दो साल की कैद और 2 हजार रुपये का जुर्माना, धारा 506 में 7 साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा।
23 सितंबर 2022: लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो साल की कैद और 10 हजार रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई थी।

दो केस में मिली थी राहत

मुख्तार अंसारी को दो मामलों में राहत मिली हुई है। आर्म्स एक्ट और 5-टाडा एक्ट के तहत नई दिल्ली में दर्ज केस में एएसजे साउथ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की ओर से 25 फरवरी 2003 को सुनाई गई सजा के खिलाफ अपील की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 21 अप्रैल 2005 को इस मामले में सुनवाई के बाद मुख्तार अंसारी को बरी कर दिया। वहीं, 15 दिसंबर 2023 को एमपी- एमएलए कोर्ट की ओर से रूंगटा परिवार को धमकी देने के मामले में सुनाई गई सजा पर भी रोक लगाई गई थी। इस फैसले पर 16 जनवरी 2024 को प्रभारी जिला जज की कोर्ट ने रोक लगाई थी।

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